6 Jan 2016

मुस्लिम कट्टरपंथ को लेकर दोहरे मापदंड हैं?

क्या हमारे सभ्य समाज और राजनीतिक हलकों में मुस्लिम कट्टरपंथ को लेकर दोहरे मापदंड हैं?

गौर कीजिए हजरत मोहम्मद पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोपी हिंदू महासभा के नेता कमलेश तिवारी को लेकर पश्चिम बंगाल के मालदा में जबरदस्त बवाल हुआ. कालियाचक इलाके में थाने को जला दिया गया. बवाल करने वाले बीएसएफ से भी भिड़ गए. हिंसा प्रभावित इलाके में जाने की कोशिश कर रहे बीजेपी विधायक सहित 25 नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया. बाद में विधायक सामिक भट्टाचार्य को छोड़ दिया गया .

 अब पश्चिम बंगाल की इस दूसरी घटना पर गौर कीजिए. कोलकाता में 9 महीने पहले एक मदरसा शिक्षक काजी मासूम अख्तर की सिर्फ इसी बात पर कुछ मुस्लिम कट्टरपंथियों ने पिटाई कर दी क्योंकि उन्होंने मदरसे के बच्चों को राष्ट्रगान सिखाने की कोशिश की थी.

 अब इस पर भी गौर कीजिए जिस टीचर के साथ पिटाई हुई उसे 9 महीने से मदरसे में आने नहीं दिया गया है. मालदा में जिस कमलेश तिवारी की टिप्पणी पर बवाल हुआ वो आज जेल में है. पश्चिम बंगाल में आखिर क्या हो रहा है? कहां गए असहिष्णुता पर बड़ी बड़ी बातें करने वाले? बड़ा प्रश्न ये है कि क्या मुस्लिम कट्टरपंथ को नजरअंदाज किया जाता है?


No comments:

Post a Comment