नई दिल्ली: पठानकोट एयरफोर्स बेस से आज दो आतंकियों के शव मिले. कुल छह आतंकी मारे गए. अब रिहायशी इलाके में सर्च ऑपरेशन ल रहा है. सरकार के सूत्रों ने एबीपी न्यूज से कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत रद्द हो सकती है. 15 जनवरी को विदेश सचिव स्तर की बातचीत होनी है. इस हमले के बाद सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर हमसे चूक कहां हो गई.
देश जब नए साल के जश्न में डूबा हुआ था तब पड़ोसी देश पाकिस्तान से आतंकी दबे पांव भारत में घुस रहे थे. अब तक आतंकी हमला होने के बाद कार्रवाई शुरू होती थी लेकिन इस बार हमला होने से 24 घंटे पहले ही संकेत मिलने लगे थे लेकिन फिर भी आतंकियों को एयरबेस के अंदर घुसने से रोका नहीं जा सका.
पहली चूक
एसपी की बात नहीं मानी
एसपी की बात नहीं मानी
आतंकी जिस इनोवा गाड़ी के जरिए पठानकोट तक जाने वाले थे उसके टायर फटे हुए मिले. ड्राइवर की गला रेंत कर हत्या हो चुकी थी अब उन्हें एयरबेस तक पहुंचने के लिए एक दूसरी गाड़ी चाहिए थी.
आतंकियों ने एसपी सलविंदर सिंह की गाड़ी छीन ली थी और रास्ते में ही एसपी को गाड़ी से बाहर फेंक दिया गया. पहली चूक ये हुई कि एसपी सलविंदर सिंह को शक के दायर में लेकर उनसे पूछताछ होती रही एसपी ने जब बताया कि पांच लोगों ने मारपीट करके हथियारों की नोंक पर गाड़ी छीन ली तो किसी ने उन पर यकीन नहीं किया.
दूसरी चूक
नाके पर गाड़ी की चेकिंग नहीं हुई
नाके पर गाड़ी की चेकिंग नहीं हुई
एसपी की गाड़ी का सबसे बड़ा फायदा ये हुआ कि गाड़ी पर नीली बत्ती लगी होने की वजह से नाके पर गाड़ी रोककर चेक नहीं किया गया और गाड़ी पठानकोट पहुंच गई. एसपी की गाड़ी एयरफोर्स स्टेशन के पीछे एक गांव में मिलने के बाद भी स्टेशन के पीछे जो खाली हिस्सा तो उसमें सुरक्षा नहीं बढ़ाई गई. जिसके आतंकी डीएससी कैंटीन और बैरक तक पहुंच गए.
तीसरी चूक
गाड़ी छीनने और आतंकियों की तरफ से फायरिंग शुरू होने के बीच करीब 24 घंटे का फर्क था. आतंकी उजाला होने से पहले ही एयरबेस में दाखिल हो चुके थे. लेकिन हमले के लिए वो रात 3 बजे का इंतजार करते रहे. एयरबेस में अलर्ट और एनएसजी होने के बावजूद आतंकियों को घेरने के लिए सर्च ऑपरेशन नहीं चलाया गया.
चौथी चूक
हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल फायरिंग से पहले आतंकियों की तलाश के लिए क्यों नहीं हुआ जबकि वायुसेना के पास आतंकियों को ढूंढने के लिए 12 घंटे का वक्त था.
हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल फायरिंग से पहले आतंकियों की तलाश के लिए क्यों नहीं हुआ जबकि वायुसेना के पास आतंकियों को ढूंढने के लिए 12 घंटे का वक्त था.
पांचवीं चूक
सूत्रों के मुताबिक एयरफोर्स स्टेशन की पिछली दीवार से ही आतंकी एयफोर्स बेस में दाखिल हुए. पिछली दीवार सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं थे. सीसीटीवी कैमरे जरूर थे लेकिन फिर भी आतंकी सीसीटीवी कैमरों में कहीं कैद नहीं हुए.
छठी चूक
खुफिया एजेंसी फेल?
क्या एसपी की गाड़ी छीनने से पहले ही दो आतंकी पठानकोट एयरबेस में घुस चुके थे?
खुफिया एजेंसी फेल?
क्या एसपी की गाड़ी छीनने से पहले ही दो आतंकी पठानकोट एयरबेस में घुस चुके थे?
सूत्रों के मुताबिक एसपी की गाड़ी में उनके साथ जा रहे ज्वेलर ने पुलिस को बताया है कि आतंकवादियों ने जब एसपी के फोन से पाकिस्तान बात की तो उन्हें पाकिस्तान में बैठे हैंडलर ने लताड़ लगाई और कहा कि दो लोग एयरबेस में पहले ही घुस चुके हैं. तुम अभी तक क्यों नहीं अंदर गए. आतंकवादियों से ये भी कहा गया कि एसपी की गाड़ी लेकर ही अंदर घुसो. मतलब ये है कि इंटेलिजेंस अलर्ट जारी होने से पहले ही दो आतंकवादी एयरबेस में घुस चुके थे.

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